Sanchar Saathi App क्या है?
संचार साथी ऐप साइबर सिक्योरिटी टूल है. यह ऐप 17 जनवरी 2025 में मोबाइल ऐप के रूप में पेश किया गया. यह ऐप एंड्रॉयड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है.
सरकार ने बताया था कि अगस्त 2025 तक यह ऐप को 50 लाख से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है.
दावा किया गया है कि 37 लाख से अधिक चोरी या खोये हुए मोबाइल हैंडसेट को सफलतापूर्वक ब्लॉक किया गया है.
साथ ही संचार साथी ऐप के ज़रिये 22 लाख 76 हज़ार से अधिक डिवाइस को सफलतापूर्वक खोजा भी गया है.
यह सीधे सरकार की टेलिकॉम सिक्योरिटी प्रणाली से जुड़ा हुआ है. दरअसल, सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर यानी सीईआईआर केंद्रीय डेटाबेस है, जहाँ देश के हर मोबाइल फोन का IMEI नंबर दर्ज रहता है.
सरकार का दावा है कि संचार साथी ऐप फोन की सुरक्षा, पहचान की सुरक्षा और डिजिटल ठगी से बचाने का एक आसान और उपयोगी टूल है.
सरकार का दावा है कि यह फोन को सुरक्षित रखता है, ग्राहक की पहचान के दुरुपयोग को रोकता है और ज़रूरत पड़ने पर तुरंत सरकारी सहायता उपलब्ध कराता है.
यह फोन के IMEI नंबर, मोबाइल नंबर और नेटवर्क से जुड़ी जानकारी की मदद से ग्राहक की सुरक्षा सुनिश्चित करता है.
जब ग्राहक इस ऐप को फोन में खोलते हैं, तो सबसे पहले यह मोबाइल नंबर मांगता है. नंबर डालने के बाद फोन पर एक ओटीपी आता है, जिसे डालकर फोन इस ऐप से जुड़ जाता है. इसके बाद ऐप फोन के IMEI नंबर को पहचान लेता है.
ऐप IMEI को दूरसंचार विभाग की केंद्रीय CEIR प्रणाली से मिलाता है और यह जांचता है कि फोन की शिकायत चोरी के मामले में दर्ज तो नहीं है या फिर ये ब्लैकलिस्टेड तो नहीं है.
यह ऐप हिंदी और 21 अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है. ज़ाहिर से इससे इसे देशभर के लगभग सभी मोबाइल उपयोगकर्ता इस्तेमाल कर सकते हैं.

Sanchar Saathi App 2025 के मुख्य फीचर्स
खोए/चोरी हुए मोबाइल की ब्लॉकिंग: आप अपने चोरी हुए फोन के IMEI नंबर का उपयोग करके उसे ब्लॉक करवा सकते हैं, जिससे वह किसी और के काम न आ सके। फोन मिलने पर इसे अनब्लॉक भी किया जा सकता है।
IMEI की प्रामाणिकता जांचना (Know Your Mobile – KYM): नया या पुराना फोन खरीदते समय, आप उसके IMEI नंबर से यह जांच सकते हैं कि वह असली है या नकली, और किसी ब्लैकलिस्टेड डिवाइस तो नहीं।
सिम कार्ड का प्रबंधन (Know Your Customer Application Status – KYC): यह पता लगा सकते हैं कि आपके नाम पर कितने सिम कार्ड एक्टिव हैं और किसी अनजान नंबर को ब्लॉक या रिपोर्ट कर सकते हैं।
फर्जी कॉल की रिपोर्ट: उन अंतर्राष्ट्रीय कॉल्स की शिकायत कर सकते हैं जो भारतीय नंबर (+91) से आती लगती हैं, लेकिन असल में अवैध सेटअप से की जाती हैं।
साइबर धोखाधड़ी से बचाव: ऐप और पोर्टल के ज़रिए आपको डिजिटल धोखाधड़ी, जैसे स्पैम कॉल और फर्जी सिम से जुड़े खतरों से बचाया जाता है।
बहुभाषी सपोर्ट: यह ऐप हिंदी समेत 21 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग इसका उपयोग कर सकें।
गोपनीयता और सुरक्षा: यह एक नागरिक-केंद्रित टूल है जो स्वैच्छिक है और उपयोगकर्ता की सहमति से काम करता है, डेटा गोपनीयता (Privacy) का पालन करता है।
क्या है नया आदेश?
दूरसंचार विभाग के जरिए जारी दिशा-निर्देश के अनुसार, 90 दिनों के बाद भारत में सभी मोबाइल फोन में संचार साथी एप पहले से मौजूद होना चाहिए। यह एप फोन सेटअप के दौरान आसानी से दिखाई दे और इसे हटाया या डिसेबल ना किया जा सके। सरकार ने साफ कहा है कि यह नियम सभी कंपनियों पर लागू होगा। चाहे वह एपल, सैमसंग, गूगल, शाओमी, वीवो या कोई दूसरा ब्रांड हो।
क्या है नया आदेश?
दूरसंचार विभाग के जरिए जारी दिशा-निर्देश के अनुसार, 90 दिनों के बाद भारत में सभी मोबाइल फोन में संचार साथी एप पहले से मौजूद होना चाहिए। यह एप फोन सेटअप के दौरान आसानी से दिखाई दे और इसे हटाया या डिसेबल ना किया जा सके। सरकार ने साफ कहा है कि यह नियम सभी कंपनियों पर लागू होगा। चाहे वह एपल, सैमसंग, गूगल, शाओमी, वीवो या कोई दूसरा ब्रांड हो।

पुराने फोन पर क्या असर पड़ेगा?
जो मोबाइल फोन पहले से बन चुके हैं या बिक्री के लिए स्टोर में मौजूद हैं, उनमें भी यह एप जोड़ना अनिवार्य होगा। इसके लिए कंपनियों को सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए संचार साथी एप उपलब्ध कराना होगा। निर्माताओं और आयातकों को इस आदेश का पालन करने के लिए 120 दिनों के अंदर दूरसंचार विभाग में रिपोर्ट जमा करनी होगी।
प्राइवेसी को लेकर विवाद क्यों हुआ?
विशेषज्ञों का कहना है कि संचार साथी एप को लेकर अचानक बढ़ी दिलचस्पी की वजह गोपनीयता पर छिड़ी बहस है। प्राइवेसी से जुड़े संभावित खतरे सामने आने के बाद लोगों में एप को लेकर जिज्ञासा बढ़ी और इसका सीधा असर डाउनलोड संख्या पर दिखा। इसी बीच कुछ विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि सरकार के निर्देश का समर्थन दिखाने के लिए भाजपा समर्थकों ने भी बड़ी संख्या में एप डाउनलोड किए था। इसी वजह से डाउनलोड में यह तेजी दिख रही है। लेकिन यह तेज़ी फिलहाल अस्थाई है।
इसके अलावा गूगल प्ले स्टोर पर भी संचार साथी एप ने तेज उछाल दर्ज किया गया है। एक दिसंबर को यह एप सभी कैटेगरी में 122वें स्थान पर था। लेकिन सिर्फ दो दिन में ही इसकी लोकप्रियता बढ़कर तीन दिसंबर को यह 15वें नंबर पर पहुंच गई थी। उत्पादकता श्रेणी में भी एप का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा।जहां 1 दिसंबर को यह 15वें स्थान पर था, वहीं 3 दिसंबर को यह दूसरी पोजीशन पर पहुंच गया और अब लगातार टॉप स्लॉट में बना हुआ है।
संचार साथी एप को लेकर पूरा विवाद 28 नवंबर को शुरू हुआ, जब दूरसंचार विभाग ने सभी मोबाइल फोन निर्माताओं को एक आदेश जारी किया था। इसमें कंपनियों को भारत में बेचे जाने वाले सभी नए मोबाइल फोन के साथ-साथ मौजूदा हैंडसेटों में सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए एप इंस्टॉल करना कंपलसरी कर दिया था।
मोबाइल का उपयोग जीवन में कई प्रभाव पड़ते हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख हैं:
लाभ:
संचार में सुधार: मोबाइल ने संचार को आसान और तेज बना दिया है।
जानकारी की पहुंच: मोबाइल इंटरनेट के माध्यम से हमें विश्व की जानकारी का खजाना मिल गया है।
मनोरंजन: मोबाइल पर गेम्स, वीडियोज, और संगीत के माध्यम से हमें मनोरंजन मिलता है।
शिक्षा: मोबाइल पर शैक्षिक ऐप्स और वेबसाइट्स के माध्यम से हमें शिक्षा मिलती है।
व्यापार: मोबाइल ने व्यापार को आसान और तेज बना दिया है।
हानि:
स्वास्थ्य समस्याएं: मोबाइल का अत्यधिक उपयोग स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।
सामाजिक अलगाव: मोबाइल का अत्यधिक उपयोग सामाजिक अलगाव का कारण बन सकता है।
निर्भरता: मोबाइल की निर्भरता बढ़ सकती है।
गोपनीयता की समस्या: मोबाइल पर डेटा की गोपनीयता की समस्या हो सकती है।
व्यसन: मोबाइल का अत्यधिक उपयोग व्यसन का कारण बन सकता है।
इसलिए, मोबाइल का उपयोग संतुलित और जिम्मेदारी से करना चाहिए।
संचार साथी ऐप गोपनीयता नीति
एंड्रॉइड के लिए: एंड्रॉइड डिवाइस में निम्नलिखित अनुमतियाँ और उनका उद्देश्य इस प्रकार है: –
फोन कॉल करना और प्रबंधित करना: आपके फोन में मोबाइल नंबरों का पता लगाना।
एसएमएस भेजें: पंजीकरण पूरा करने के लिए DoT को 14422 पर एसएमएस भेजें।
कॉल/एसएमएस लॉग: संचार साथी ऐप द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं में किसी भी कॉल/एसएमएस की रिपोर्ट करने के लिए।
फोटो और फाइलें: कॉल/एसएमएस की रिपोर्ट करते समय या खोए/चोरी हुए मोबाइल हैंडसेट की रिपोर्ट करते समय कॉल/एसएमएस की छवि अपलोड करने के लिए।
कैमरा: आईएमईआई के बारकोड को स्कैन करते समय उसकी प्रामाणिकता की जांच करना।
iOS के लिए: iOS डिवाइस में निम्नलिखित अनुमतियाँ और उनका उद्देश्य इस प्रकार है: –
फोटो और फाइलें: कॉल/एसएमएस की रिपोर्ट करते समय या खोए/चोरी हुए मोबाइल हैंडसेट की रिपोर्ट करते समय कॉल/एसएमएस की छवि अपलोड करने के लिए।
कैमरा: आईएमईआई के बारकोड को स्कैन करते समय उसकी प्रामाणिकता की जांच करना।
उचित सुरक्षा प्रथाएँ
यदि व्यक्तिगत जानकारी एकत्र की जाती है, तो उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक, तकनीकी, परिचालन और भौतिक नियंत्रण जैसे उचित सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं।
निष्कर्ष
संचार साथी (Sanchar Saathi) भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) की एक नागरिक-केंद्रित पहल है, जो मोबाइल उपयोगकर्ताओं को धोखाधड़ी से बचाने, सुरक्षा बढ़ाने और अपने नाम पर चल रहे कनेक्शनों को प्रबंधित करने के लिए एक वेब पोर्टल और ऐप के माध्यम से कई सेवाएँ प्रदान करती है, जिसमें ‘चक्षु’ (धोखाधड़ी की रिपोर्ट) और ‘Tafcop’ (SIM प्रबंधन) जैसी सुविधाएँ शामिल हैं, जिससे नागरिकों को सशक्तिकरण मिलता है

