Emotional Mind – दिल और दिमाग का अनकहा रिश्ता
Emotional Mind हम अक्सर कहते हैं – “दिल कुछ कहता है, दिमाग कुछ और।”
लेकिन सच्चाई यह है कि दिल और दिमाग अलग नहीं, बल्कि एक ही कहानी के दो किरदार हैं। दिमाग सोचता है, दिल महसूस करता है, और जीवन वहीं जन्म लेता है जहाँ ये दोनों एक-दूसरे से मिलते हैं।
जब हम खुश होते हैं, हमारे दिमाग की नसों में जैसे रोशनी बहने लगती है।
जब हम दुखी होते हैं, वही रोशनी धुंधली हो जाती है।
भावनाएँ केवल मन की दुनिया नहीं, शरीर भी उन्हें महसूस करता है – धड़कन तेज होना, हाथ कांपना, आँखों का भर आना। यह सब उस Emotional Mind का असर है जो हर पल हमारे अंदर सक्रिय रहता है।
हमारा emotional mind पुरानी यादों, रिश्तों, प्रेम, और उम्मीदों से जुड़ा होता है।
कभी यह हमें आगे बढ़ाता है, कभी रोक देता है, लेकिन इसमें एक खास बात है—
यह हमें इंसान बनाए रखता है।
दिमाग हमें बताता है कि क्या सही है।
दिल हमें बताता है कि क्या ज़रूरी है।
जीवन वहीं खूबसूरत लगता है जब हम सोच को महसूस के साथ संतुलित करना सीख जाते हैं।
ना सिर्फ़ दिमाग से निर्णय, ना सिर्फ़ दिल से— बल्कि दोनों के बीच की उस पतली सी खिड़की से, जहाँ सच भी होता है और एहसास भी।
यहीं हमारा असली इंसान होना शुरू होता है।

What is Emotional Intelligence (इमोशनल इंटेललजेंस क्या होती है)
दोस्तो, बचपन से ही आप IQ (Intelligence Quotient) के बारे में तो सन ते आए होंगे। IQ से हमारी academic intelligence का पता चलता है। ज्यादा IQ वाले लोग ज्यादा सफल माने जाते हैं। लेककन अब वैज्ञाननकों का मानना है कक सफल होने के ललए emotional intelligence का होना भी जरुरी है। और इसी को हम EQ (Emotional Quotient) से measure करते हैं। वास्तव में हाई IQ वाले लोग बहु त बार सफल नहीीं हो पात। बल्कक ल्जन लोगों में IQ और EQ का सही balance होता है, life में वे ही सफल होते हैं। परिभाषा – Emotional intelligence का मतलब हैअपने अंदि के emotions
को समझना औि उन्हें ख़ु शी हालसल किने के ललए control कि पाना। 1. क्या आपने कभी अनभ व ककया है कक ककसी को डााँट पड़ी हो और वह रोने
लग गया हो। ऐसा इसललए होता है कक डााँट पड़ने से उस व्यल्क्त में डर का emotion आ जाता है। वह उसे ठीक से समझ नहीीं पाता और रोने लगता है।
तो यहााँपर अगर उस व्यल्क्त में EQ ज्यादा हो तो वह अपने डर के emotion पर काब पा सकता है। ल्जस चीज के ललए डााँट पड़ी है वह उसके ललए apologize कर सकता है। और अपनी भल को सधर सकता है। और खद में confidence का emotion ला सकता है।
2. कछ students top क्यों करते हैंऔर दसू रे fail क्यों हो जाते हैं। क्याँक क topper students के अींदर positive motivation के emotions रहते हैं। वे दरू की सोचते हैं। जबकक क छ students पर मौज -मस्ती के emotions हावी रहते हैं। अगर वेभी इन emotions को समझ सकें और उन्हें control कर लें तो वे भी सफल हो
सकते हैं।
1. Relationship
Emotional intelligence का life के हर क्षेत्र में रोल है। आइए कछ examples देखतेहैंसबसे पहलेआपका पाटटनर के साथ जो romantic relation
हैउसमें emotions की काफी value होती है। हर बार आप अपने partner को feel करवाएीं कक आप उनसे प्यार करते
हैं। उनकी care करते हैं। उनकी हमेशा रक्षा करेंगे। और हमेशा कठठन पररल्स्थनत में भी आप उनका साथ देंगे। इससे आपका relation बहु त ज्यादा strong रहेगा। और आपका पाटटनर आप पर परू तरह से trust करेगा। और वह भी इन emotions को आपके प्रनत reciprocate करेगा
2. Office अगर आप ऑकफस मेंकाम करतेहैंऔर आपके नीचेक छ लोग काम करते हैंतो आप उनके प्रनत sympathy वाला रवयै ा रखें।
उनके काम को हमेशा appreciate करें। उन्हें और अच्छा करने के ललए motivate करें। उनकी गलनतयों पर बेवजह न डाींटे। बल्कक उन्हें ठीक करने के ललए प्रेररत करें। उन्हें बताएीं कक उनका बहुत ज्यादा contribution है। हमेशा उनका मान – सम्मान करें। यह सब करने से आपके उन employees के अींदर आपके ललए बहुत ही ज्यादा respect के emotions जागतृ होंगे। वे हमेशा आपके ललए वफादार रहेंगे।
और हमेशा आपकी कीं पनी के ललए ठदल लगाकर काम करेंगे। और इस तरह से आपकी कींपनी बहु त ज्यादा सफल होगी।
3. Parents आजकल बहु त से लोग अपने parents को ignore करने लगे हैं। इससे parents को अींदर ही अींदर बहुत दख होता है। क्योंकक उन्होंने अपने बच्चों के ललए बहु त त्याग ककया होता है।
2) Channelize Your Emotions
अपने emotions को एक सही ठदशा में channelize करना सीखें। अगर ककसी बात से गस्सा है तो उस गस्से
को नकालने के ललए आप exercise का सहारा ले सकते हैं। अगर कोई frustration है तो उसे challenge में convert कर सकते हैं। जैसे अगर पड़ोसी
ताने देते हैंतो आप मन ही मन यह decide कर सकते हैंकक एक ठदन आप बहुत ही सफल इींसान बन कर ठदखायेंगे। कफर उस कायट में जट जाएाँ। न कक गम के सागर मेंडूब जाएाँ। और न ही ककसी addiction में फाँस जाएाँ।
इसी तरह से अगर आपके मन में गम या दुःख का emotion है तो उससेबहुत ही creative काम कर सकतेहैं।कववता, गीत, ग़ज़ल, पेंठटगीं , ककस्सा, कहानी उपन्यास आठद बना सकते हैं। आपने देखा होगा कक ल्जतने भी artist हैंवे अपने सींघर्षों की पीड़ा को
अपनी कला में डाल देतेहैं। और ऐसेउनके masterpieces बनतेहैंतो इस तरहककसी भी emotions को आप outburst में कन्वटट ना करके बल्कक उसे एक positive direction दे सकते हैं। इससे भी आप emotionally intelligent बन
पाएाँगे।
3) Add values to emotions
अपने emotions को moral values से भी ललकीं करें। जैसे अगर ककसी ने कोई बहु
त इमानदारी का काम ककया है। तो आप उसे appreciate करें। और उसकी सबके सामने प्रशींसा करें। इससेसामनेवालेके मन मेंआप के प्रनत बहु
त ही respect के emotions पैदा होंगे। साथ ही वह आगे भी ईमानदारी से काम करने के ललए प्रेररत रहेगा। ऐसे ही अपने बच्चों को भी अच्छी values लसखायें। जब भी वेकछ अच्छा कायट करें तो आप उनकी भरपरू तारीफ करें। इससे उन्हें लगेगा कक जब कोई अच्छा
काम ककया जाता है तो इससे काफी ख़ुशी लमलती है। क्याँकक लोग अच्छे कायटकी तारीफ करते हैं।इससे बच्चे हमेशा ख़ुशी को अच्छे काम से जोड़ कर देख्नगे । और कभी गलत काम नहीीं करेंगे। भावनात्मक बद् धिमत्ता क्यों महत्वपर्ण है? यह एक वैज्ञाननक तथ्य है कक ववचार से पहले भावनाएीं आती हैं। जब भावनाएीं तेज होती हैं, तो वेहमारे ठदमाग के काम करनेके तरीके को बदल देती हैं...हमारी सींज्ञानात्मक क्षमताओीं, ननणटय लेने की शल्क्तयों और यहाीं तक कक पारस्पररक
इसे व्यस्क्तगत रूप से पेश क्रकया जाना चाहहए औि अन्य लोगों के माध्यमसे नहीं। साि ही, इसे अन्य सािनों के उपयोग से बेहति तिीके से पेश क्रकया
जाना चाहहए। जोहरी खखड़की का उपयोग करतेहुए, सववधाकताट को यह चनना चाठहए ककक्या सहकलमटयों द्वारा दी गई राय गमनाम या सावजट ननक रूप से बनाई जानी चाठहए। यह एक ऐसी पररल्स्थनत हैल्जसका मकयाींकन समहू के प्रदशनट के अनसुर
ककया जाना चाठहए। एक सींभावना यह है कक लोग इसे गमनाम रूप से ललखते हैंऔर कफर,
पररणामों का आकलन करनेके ललए एक समहू चचाट समय की पेशकश की जाती हैऔर प्रत्येक प्रनतभागी को खद को प्रस्ततु करने का अवसर लमलता है। संदेश ववलशष्ट होना चाहहए यह मानदींड सामान्यीकत प्रनतकिया के ववपरीत है, जब सींदेश फै लाना होता
है और गलत व्याख्या की जा सकती है। उदाहरण के ललए, “आप एक लमसकफटव्यल्क्त हैं” एक सींदेश है जो कछ भी स्पष्ट नहीीं करता है। इस मामले में, हम ननम्नललखखत का उपयोग कर सकते हैं “मझु लगता है कक समहू में आपके पास मौज द हर चीज में आप योगदान नहीीं दे रहे हैंऔर मैंचाहूगा कक आप बठै कों और अवकाश के समय में अचधक भाग लें।” इस तरह, ररसीवर अपने प्रदशटन की समीक्षा कर सकता है और इसे
बेहतर बनाने के उपाय कर सकता है.


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